
संत शिरोमणि गुरु घासीदास जयंती समारोह : अनेकों ग्रामों के कार्यक्रम में शामिल हुए भाजपा नेता डॉ.सम्पत अग्रवाल
बसना.संत शिरोमणि गुरू घासीदास बाबाजी की 266 वीं जयंती के अवसर पर बसनांचल के ग्राम तुलसीडीपा, बड़े डाभा एवं उमरिया में बाबा गुरु घासीदास जी के जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर नीलांचल सेवा समिति के संस्थापक व नगर पंचायत बसना पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ.सम्पत अग्रवाल शामिल हुए एवं जैतखाम की पूजा अर्चना कर क्षेत्रवासियों सुख समृद्धि और खुशहाली की कामना की।समस्त ग्रामवासियों के द्वारा चंदन वंदन व फुलमाला से भव्य स्वागत सम्मान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ.सम्पत अग्रवाल जी ने सभी लोगों को गुरु घासीदास के 266वीं जयंती की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।और कहा कि घासीदास जी द्वारा कही गयी एक बात ‘मनखे मनखे एक समान’ मानवता की बहुत बड़ी परिचायक है। वैसे तो सभी ग्रंथो में सत्य एवं अहिंसा का पालन करने को कहा गया है,किंतु बाबा घासीदास जी ने सतनाम का संदेश जन-जन तक पहुँचाने के लिए घनघोर संघर्ष एवं तपस्या की। उन्होंने शोषित-पीड़ित समाज को न्याय दिलाने के लिए लोगों को संगठित करने का काम किया। समाज मे फैले ऊँच-नीच के भेदभाव को समाप्त कर एकता का सूत्र में पिरोने का काम किया। उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ के बहुसंख्यक समाज संस्कारित हुए। बाबा जी ने अपने जीवन के माध्यम से हमें यह संदेश दिया कि महान बनने के लिए कड़ी तपस्या,साधना व त्याग ये तीनों आवश्यक होते हैं। बाबा जी के दिये गए संदेश आज भी प्रासंगिक है। हमें बाबा घासीदास जी के इस संदेश, मार्ग, आचरण को हमें जीवन में उतारना है।जीवन जोड़ने की कोशिश करने वाले बाबा जी के बताए मार्ग पर चलते हुए हम सबको इस समाज,क्षेत्र और देश को जोड़ने का काम करना है।

उन्होंने आगे नीलांचल सेवा समिति के द्वारा नर सेवा नारायण सेवा की कल्पना को साकार करते निस्वार्थ भाव से किये जा रहे समस्त स्वास्थ्य संबंधी जनसेवा कार्यो जैसे नीलांचल निशुल्क एंबुलेंस सेवा, उपचार सेवा, स्वास्थ्य शिविर, नेत्र जांच शिविर, रक्तदान शिविर, खेल खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन, मंदिरों का जीर्णोद्धार, पीने योग्य जल की व्यवस्था, शिक्षण संस्थानों में सहयोग, तीर्थ यात्रा इत्यादि जन सेवा कार्यों के बारे में बताया।
इस अवसर पर ग्राम तुलसीडीपा में लखन कुर्रे, अभय धृतलहरें, उपेन्द्र साव, किरण पटेल, किशोर कानूनगो, दाऊलाल कोसरिया, आजूराम अनंत, राकेश पटेल, केतक बारिक, दिलीप प्रधान, प्रदीप बारिक, भूषण पटेल, खमेश्वर रात्रे, शौकीलाल, उदेराम, गोपाल सूर्यवंशी, बोदराम निराला, दशरथ, सत्यवती, ललिता, जागेश्वरी, लोकनाथ रात्रे, ग्राम बड़े डाभा में लच्छीराम पटेल, राधेश्याम नाग, लखन कुर्रे, अभय धृतलहरें, निर्मलदास, खोलबाहरा निराला, हरदेव बारिक, ठण्डाराम बारिक, लोकनाथ, सीताराम, भगतराम, दयाचरण, कुशल रात्रे, तथा ग्राम उमरिया में लखन कुर्रे, अभय धृतलहरें, निर्मलदास, फगनु रात्रे, सुरज, बालमुकुंद, हेमसागर, सरजू, दौलत, नरेश, किर्तन, रजनीकांत, जगत, नरेंद्र, जवाहर, कुशल, धनेश्वर सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी श्रद्धालुजन उपस्थित रहें।



